भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में बेहद ही शक्तिशाली भूकंप से धरती कांप उठी। इसका असर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी देखने को मिला है। भूकंप का केंद्र म्यांमार में था और इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी गई। यह भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई पर आया, जिसका केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार में था।
अधिकारियों ने बताया कि बैंकॉक में एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत भूकंप के झटकों से भरभराकर ढह गई। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक बहुमंजिला इमारत धूल के गुबार के बीच ढहती नजर आ रही है और वहां मौजूद लोग चीखते-चिल्लाते हुए भाग रहे हैं। इमारत के मलबे में 40 से अधिक मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। पुलिस ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि वे बैंकॉक के ‘चटुचक मार्केट’ के पास स्थित घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य कर रहे हैं
भारत ने म्यांमार में आए विनाशकारी 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद मदद के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है। 80 सदस्यों वाली नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फ़ोर्स (NDRF) की एक टीम को बचाव कार्यों में सहायता के लिए भेजा गया है। राजदूत अभय ठाकुर ने यांगून के मुख्यमंत्री को राहत सामग्री की पहली खेप सौंपी।
राहत सामग्री में टेंट, कंबल, भोजन, स्वच्छता किट, जेनरेटर और दवाइयां शामिल हैं, जिन्हें भारतीय वायु सेना के विमान द्वारा ले जाया गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पुष्टि की कि टीम बचाव प्रयासों में सहायता के लिए नेय पी ताव रवाना हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के सैन्य junta प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस मुश्किल समय में भारत के समर्थन की बात दोहराई। मोदी ने कहा कि आपदा राहत, मानवीय सहायता और खोज एवं बचाव दल को ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत तेजी से भेजा जा रहा है।
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