देहरादून, 23 अप्रैल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित हो रही चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने साफ किया है कि यात्रा की गरिमा और राज्य की छवि खराब करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश सरकार द्वारा यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा और डिजिटल मॉनीटरिंग को मजबूत करते हुए श्रद्धालुओं को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन कराए जा रहे हैं। इसी बीच कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यात्रा को लेकर भ्रम फैलाने और जनमानस को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस और प्रशासन ने 4 से 5 अन्य संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं। किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या दुष्प्रचार को जीरो टॉलरेंस के तहत लिया जाएगा।
सरकार ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की आस्था, श्रद्धा और चारधाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें और किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।