1252 करोड़ की विकास योजनाओं को मंजूरी…

देहरादून 01 मई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों को गति देने के लिए ₹1252 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं से पर्यटन, आपदा प्रबंधन, पेयजल, बाढ़ सुरक्षा और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकार ने गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं पर विशेष फोकस किया है। त्रिवेणी घाट के पुनरुद्धार के लिए ₹115 करोड़ और हर की पौड़ी के नॉर्थ क्षेत्र के विकास के लिए ₹69.06 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण परियोजना को भी गति दी गई है। भूमि अधिग्रहण, वन भूमि हस्तांतरण और अन्य मदों के लिए पहली किश्त में ₹56.07 करोड़ जारी किए गए हैं। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 8 इग्लू डोम हट्स के निर्माण हेतु ₹4.67 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत ₹446 करोड़ और अशासकीय महाविद्यालयों के कर्मचारियों के वेतन के लिए ₹77.69 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।

इसके अलावा चंपावत, देहरादून और हरिद्वार में पार्किंग, पुलिस आवास और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। विधायक निधि के तहत 70 विधायकों को ₹5 करोड़ प्रति विधायक की दर से कुल ₹350 करोड़ जारी किए गए हैं।

कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के अंतर्गत हरिद्वार में पेयजल आपूर्ति, सड़क सुधार और विद्युत लाइन शिफ्टिंग के लिए भी करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

राज्य में आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए आपदा न्यूनीकरण निधि से प्रत्येक जनपद को ₹1 करोड़ की दर से कुल ₹13 करोड़ जारी किए गए हैं, जिससे संभावित आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

इन फैसलों को राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

3 thoughts on “1252 करोड़ की विकास योजनाओं को मंजूरी…

  1. Her değişim sürecinde nedense hep teknik detaylara boğuluyoruz. Bizim ysgrup projelerinde edindiğimiz en büyük tecrübe, insan faktörünü ilk sıraya koymadığınızda o planların kağıt üstünde kalması oldu. [vnmubkwncwfgfzngrk]

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